उत्तरी भारत के प्रसिद्ध शिवधाम भरमौर में स्थित चौरासी मंदिर परिसर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि रहस्यों और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा अनोखा स्थल भी है। यहां मौजूद धर्मराज का मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि मृत्यु के बाद जीवात्मा के पाप-पुण्य का लेखा-जोखा इसी स्थान पर होता है और धर्मराज की कचहरी में कर्मों के आधार पर निर्णय लिया जाता है। मणिमहेश यात्रा के दौरान देशभर से भरमौर पहुंचने वाले श्रद्धालु धर्मराज के दर्शन के लिए भी मंदिर में आते हैं।
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