तेल और प्याज पर महंगाई की आंच… झुलसी रसोई
त्योहारों की तैयारी के बीच महंगाई ने रसोई पर एक और वार किया है। कांगड़ा जिले में सोमवार को खाद्य तेल और प्याज के दामों में 10 से 20 रुपये तक का उछाल आया। जिला मुख्यालय धर्मशाला में रविवार तक 200 रुपये में बिकने वाली एक लीटर तेल की बोतल सोमवार को 210 रुपये में पहुंच गई, जबकि प्याज के दाम 40 से बढ़कर 60 रुपये किलो तक हो गए। रिफाइंड तेल भी 135 से बढ़कर 140 रुपये प्रति लीटर हो गया है। चीनी पहले ही 70 रुपये किलो बिक रही है। ऐसे में त्योहारों पर पकवान और मिठाइयां बनाना भी आम परिवारों के लिए महंगा पड़ने वाला है। रोजमर्रा की जरूरतों के सामान के बढ़ते दामों के बीच त्योहारी खर्च ने घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है।
सरकार जल्द हस्तक्षेप करे
अचानक बढ़े दामों से रसोई का मासिक बजट प्रभावित होने लगा है। सरकार को जल्द दामों में हस्तक्षेप कर लोगों को राहत देनी चाहिए। – राकेश शर्मा, कारोबारी
तेल की कीमत में ब्रांड और गुणवत्ता के आधार पर करीब 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा चीनी भी 70 रुपये किलो बिक रही है। –रमेश, कारोबारी
लगातार बढ़ रही महंगाई ने महिलाओं की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। ऐसे में भविष्य में परिवार की आर्थिकी पर पड़ने वाले बोझ की चिंता सताने लगी है। – सुमन देवी, गृहिणी
निजी नौकरी करती हूं लेकिन वेतन में कोई वृद्धि नहीं हो रही है। इसके बावजूद महंगाई लगातार बढ़ रही है। प्याज भी 15 रुपये महंगा हो गया है। –तमन्ना, गृहिणी
सोमवार से दामों में 10 से 20 रुपये का उछाल देखा गया है। लगातार बढ़ रही महंगाई ने गृहिणियों की कमर तोड़ दी है। पहले 500 रुपये में परिवार की एक सप्ताह की सब्जी आ जाती थी लेकिन अब मुश्किल से तीन से चार दिन का सामान आता है। – सरिता पठानिया, गृहिणी
दामों में हो रहे बदलाव के चलते कारोबारियों की ओर से जमाखोरी और मुनाफाखोरी की शिकायत मिलने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिनियम के तहत विभिन्न सजाओं का प्रावधान है। –पुरुषोत्तम सिंह, जिला नियंत्रक, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग कांगड़ा
जुर्माना और जेल का है प्रावधान
कानून विशेषज्ञों के अनुसार आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत जमाखोरी और मुनाफाखोरी करने पर विभिन्न प्रावधान हैं। यदि कोई कारोबारी ऐसा करता पाया जाता है तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। एफआईआर दर्ज करने के साथ वस्तुएं जब्त भी की जा सकती हैं। नियमों के उल्लंघन के आरोप न्यायालय में साबित होने पर जेल का भी प्रावधान है।
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