शिमला, 28 मार्च 2025 – मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में शिक्षा, परिवहन और सामाजिक कल्याण को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
शिक्षा में बड़ा बदलाव
राज्य सरकार ने प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को स्कूल शिक्षा निदेशालय में स्तरोन्नत करने की मंजूरी दी, जिससे नर्सरी से 12वीं तक की शिक्षा व्यवस्था एकीकृत होगी। उच्च शिक्षा निदेशालय अब महाविद्यालयों के साथ उच्च शिक्षा के अन्य पहलुओं का भी प्रबंधन करेगा।
इसके अलावा, आरटीई नियम 2011 में संशोधन कर कक्षा 5वीं और 8वीं में परीक्षा प्रणाली बहाल की गई। असफल विद्यार्थियों को दो महीने के भीतर पुनः परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।
परिवहन बेड़े का विस्तार
यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) 297 इलेक्ट्रिक बसें और 24 सुपर लग्जरी वातानुकूलित बसें खरीदेगा, जिससे सार्वजनिक परिवहन अधिक सुलभ और पर्यावरण अनुकूल बनेगा।
तकनीकी शिक्षा में नवाचार
राज्य सरकार ने तकनीकी शिक्षा विभाग में उत्कृष्ट शिक्षकों के लिए हिमाचल प्रदेश राज्य पुरस्कार योजना शुरू की है। इसमें आईटीआई, बहुतकनीकी, इंजीनियरिंग और फार्मेसी कॉलेजों के शिक्षकों को कुल 10 पुरस्कार दिए जाएंगे।
सामाजिक कल्याण को बढ़ावा
बाल देखभाल संस्थानों में 15 वर्ष से अधिक समय से रह रहे परित्यक्त बच्चों को हिमाचली प्रमाण पत्र जारी करने का फैसला किया गया, जिससे वे सरकारी नौकरियों और योजनाओं का लाभ उठा सकें।
खनन और ऊर्जा क्षेत्र में अहम कदम
अवैध खनन पर नियंत्रण के लिए नई निगरानी व्यवस्था को मंजूरी दी गई, साथ ही शोंगटोंग-कड़छम जल विद्युत परियोजना के लिए 1000 करोड़ रुपये के ऋण पर सरकारी गारंटी स्वीकृत की गई।