मंडी से बिलासपुर होते हुए ऊपरी हिमाचल और चीन सीमा तक पहुंचने का रास्ता अब और सुगम होने वाला है। सतलुज नदी पर निर्माणाधीन हरनोड़ा पुल के दोनों सिरे आपस में जुड़ गए हैं। इससे सुंदरनगर की सलापड़-तत्तापानी सड़क सीधे बिलासपुर से जुड़ जाएगी। पुल के तैयार होने के बाद रामपुर और किन्नौर जाने वाले लोगों को शिमला-सोलन होकर लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 156 मीटर लंबे हरनोड़ा पुल के दोनों सिरे नौ सितंबर को जुड़ चुके हैं। इसके बाद पुल का शेष निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग ने अक्तूबर-नवंबर तक इसे आम जनता के लिए खोलने का लक्ष्य रखा है। पुल के तैयार होने से मंडी और बिलासपुर के बीच आवागमन आसान होगा और सलापड़-तत्तापानी मार्ग को भी नई कनेक्टिविटी मिलेगी।
14 साल की कानूनी लड़ाई के बाद निर्माण में आई तेजी
हरनोड़ा पुल के निर्माण के लिए स्थानीय निवासी देशराज ने करीब 14 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में बीबीएमबी के साथ कानूनी लड़ाई शुरू करने के बाद हाईकोर्ट का रुख किया। वर्ष 2016 में बीबीएमबी ने पुल निर्माण के लिए 18 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया।
वर्ष 2017 में चंडीगढ़ की एक कंपनी को निर्माण कार्य सौंपा गया, लेकिन वर्ष 2023 तक महज 20 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया था। वर्ष 2024 में लोक निर्माण विभाग ने निर्माण कार्य में तेजी लाई। इसके बाद अब पुल के दोनों सिरे जुड़ गए हैं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि पुल जल्द तैयार होकर यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
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