हिमाचल पुलिस अब बैंकों के साथ मिलकर साइबर ठगी की रकम खातों से बाहर जाने से रोकने पर जोर देगी। डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों के कारण यह समन्वित व्यवस्था मजबूत की जा रही है। हमीरपुर में पंजाब नेशनल बैंक के अधिकारियों की सतर्कता से 78 वर्षीय बुजुर्ग की 70 लाख रुपये की जमा-पूंजी बची। साइबर ठग डिजिटल अरेस्ट में पीड़ित को फोन या वीडियो कॉल पर नियंत्रण में रखते हैं। वे पुलिस अधिकारी, सीबीआई या ईडी बनकर गिरफ्तारी का डर दिखाते हैं। ठग खाते में रकम जमा करने या दूसरे खाते में ट्रांसफर करने के निर्देश देते हैं। ऐसे मामलों में बैंक शाखा पीड़ित और ठग के बीच अंतिम सुरक्षा दीवार बन सकती है। पुलिस और बैंक मिलकर एक नया तंत्र तैयार करेंगे। इस तंत्र में बैंक कर्मचारी अतिरिक्त सतर्कता बरतेंगे। वे खाते से अचानक बड़ी रकम निकालने, एफडी तोड़ने या असामान्य तरीके से धनराशि ट्रांसफर करने के प्रयास पर ध्यान देंगे। ग्राहक के व्यवहार में असामान्य बदलाव दिखने पर उससे बातचीत कर वास्तविक स्थिति समझेंगे।