प्रदेश की आय बढ़ाने के नाम पर लॉटरी बहाल करने के कांग्रेस सरकार के फैसले पर नेता विपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नाराजगी जताई है। उन्होंने लॉटरी व्यवस्था को देवभूमि की संस्कृति के विपरीत बताते हुए कहा कि इसके दुष्परिणामों को नजरअंदाज कर सरकार ने प्रदेश को बर्बादी की राह पर धकेलने वाला फैसला लिया है। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने पर लॉटरी व्यवस्था को तत्काल बंद किया जाएगा और इसे शुरू करने के पीछे जिम्मेदार लोगों की जांच करवाई जाएगी। गुरुवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि जब प्रदेश में लॉटरी व्यवस्था बंद की गई थी, उस समय भाजपा की सरकार थी। उन्होंने कहा कि लॉटरी के कारण कई परिवार आर्थिक रूप से बर्बाद हुए।
लोगों के घर बिके, जमीनें गिरवी रखनी पड़ीं और यहां तक कि जेवर बेचने की नौबत आई। उनके अनुसार, एक बार इसकी आदत लगने के बाद इसे छोड़ना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने लॉटरी की तुलना नशे से करते हुए कहा कि यह भी एक तरह की लत है। जिस प्रकार चिट्टे और अन्य नशीले पदार्थों ने युवाओं और परिवारों को बर्बाद किया है, उसी तरह लॉटरी भी आर्थिक और सामाजिक नुकसान का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि इससे कुछ लोगों की आर्थिक स्थिति भले सुधरे, लेकिन अधिकांश परिवारों को नुकसान उठाना पड़ता है।
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