पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने रविवार को सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के नवनिर्वाचित पंचायतीराज प्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की कार्यशैली, विकास कार्यों, पंचायत चुनाव और प्रदेश पर बढ़ते कर्ज को लेकर कई सवाल उठाए।

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जनभावनाओं के अनुरूप सरकार चलाने के बजाय अपनी पसंद के लोगों से सलाह लेकर निर्णय ले रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भाजपा के गुटों की चर्चा करते रहे, जबकि कांग्रेस के भीतर चल रहे मतभेदों का असर सरकार पर दिखाई दे रहा है।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश सरकार के मंत्री और मुख्यमंत्री दिल्ली के दौरे कर रहे हैं। जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि इन दौरों का उद्देश्य प्रदेश के विकास से अधिक सरकार के भीतर चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि यदि दिल्ली दौरे प्रदेश के विकास और प्रदेश के हितों के लिए हों तो उनका स्वागत है, लेकिन सरकार बचाने के लिए दिल्ली जाने की बात सामने आती है तो सवाल उठते हैं।

पंचायत चुनाव को लेकर भी सरकार पर निशाना

नेता प्रतिपक्ष ने पंचायतीराज संस्थाओं को लोकतंत्र की महत्वपूर्ण इकाई बताते हुए पंचायत चुनावों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने चुनाव टालने का प्रयास किया था और चुनाव जीतकर आए प्रतिनिधियों के साथ भी उचित व्यवहार नहीं किया गया। जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने पंचायत चुनाव करवाने के लिए न्यायालय का रुख किया था और अब पार्टी की ओर से नवनिर्वाचित प्रतिनिधियों का सम्मान किया जा रहा है।

उन्होंने हालिया पंचायतीराज और स्थानीय निकाय चुनावों के परिणामों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि 11 में से 10 जिला परिषदों और तीन नगर निगमों में भाजपा की विचारधारा से जुड़े प्रत्याशियों को सफलता मिली है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेशभर में करीब 80 प्रतिशत जनप्रतिनिधि भाजपा की विचारधारा से जुड़े हुए चुने गए हैं। ये आंकड़े और उनका राजनीतिक अर्थ जयराम ठाकुर के दावे के रूप में ही देखे जाने चाहिए।

विकास और बंद संस्थानों का मुद्दा उठाया

जयराम ठाकुर ने प्रदेश में विकास कार्यों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में नई योजनाएं शुरू करने के बजाय पूर्व भाजपा सरकार के समय खोले गए कई संस्थानों को बंद किया गया।

उन्होंने अपनी पूर्ववर्ती सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सड़कों और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े फैसलों को भी गिनाया। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि उनके कार्यकाल में करीब 5,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण हुआ और बुजुर्गों के लिए पेंशन की आयु सीमा 80 वर्ष से घटाकर 60 वर्ष की गई।

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