ग्रेटर नोएडा, चंद्रकांत पराशर– स्वराज और आत्मनिर्भरता की चेतना को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से आयोजित “सामाजिक उत्थान व स्वराज का पुनर्जागरण” त्रि-दिवसीय आवासीय महोत्सव का भव्य समापन हुआ। नॉलेज पार्क-3, वीकेएस गार्डन के सभागार में संपन्न इस आयोजन की अगुवाई “माँ संस्थान” ने की, जबकि मार्गदर्शक सामाजिक शोध संस्थान, रायपुर ने इसे सह-आयोजित किया।
वैदिक परंपरा और आधुनिक चिंतन का संगम
समाज में नैतिक मूल्यों और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने हेतु वैदिक यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें स्वराज-समर्थकों ने आहुति देकर राष्ट्रहित और समाजोत्थान का संकल्प लिया। यह यज्ञ स्वराज की आध्यात्मिक और व्यवहारिक शक्ति को जाग्रत करने का प्रतीक बना।
विशेष फिल्म “प्रयोग” और विमर्श सत्र
महोत्सव में लोक स्वराज्य आधारित विशेष फिल्म “प्रयोग” का प्रदर्शन किया गया, जो समाज की वर्तमान चुनौतियों के समाधान स्वराज के सिद्धांतों में खोजने का संदेश देती है। फिल्म की प्रेरणा, निर्माण यात्रा और विचारधारा पर आयोजित गहन समीक्षा सत्र में विद्वानों और सामाजिक चिंतकों ने अपने विचार रखे।
“ज्ञान केंद्र” और जनसंसद ऐप पर चर्चा
गाँव-गाँव में ज्ञान-विस्तार के लिए “ज्ञान केंद्रों” की स्थापना पर प्रस्ताव पारित किया गया, जहाँ “ज्ञान तत्व” पत्रिका का नियमित रूप से वितरण होगा। इसी कड़ी में “जन संसद” ऐप के माध्यम से लोकतांत्रिक संवाद को मजबूत करने की योजना पर भी विमर्श हुआ।
विशेष पुरस्कार और समाजसेवा सम्मान
समाजसेवा, स्वराज और सामाजिक उत्थान में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को इस वर्ष के विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। विजेताओं को नगद पुरस्कार व प्रमाण पत्र देकर उनकी उपलब्धियों को सराहा गया।
आगामी योजनाएँ और संकल्प
कार्यक्रम के अंतिम चरण में सभी प्रतिभागियों ने “माँ संस्थान” से जुड़ने और इसके उद्देश्यों को व्यापक स्तर पर पहुँचाने का संकल्प लिया। वरिष्ठ वकील डॉ. ए. पी. सिंह की उपस्थिति में अगले वर्ष इस आयोजन को और भव्य रूप में आयोजित करने की घोषणा की गई।
समाप्ति, पर एक नए सृजन का संकल्प
यह त्रि-दिवसीय महोत्सव सामाजिक पुनर्जागरण और स्वराज की अवधारणा को जीवंत करने में एक मील का पत्थर साबित हुआ। आयोजन समिति ने आश्वासन दिया कि यह मंच आने वाले वर्षों में भी राष्ट्रहित और समाजोत्थान के लिए नित नए आयाम गढ़ता रहेगा।