
सीपीआरआई शिमला में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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सीपीआरआई शिमला में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू।
– फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
जलवायु परिवर्तन के बीच फसलों को बीमारियों से बचाने और कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक एआई, जीनोम एडिटिंग और लाभकारी सूक्ष्मजीवों जैसी तकनीकों पर जोर दे रहे हैं। केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) शिमला में गुरुवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी शुरू हुई। इसमें देश के 17 राज्यों से 250 से अधिक वैज्ञानिक, शोधकर्ता और विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। संगोष्ठी का विषय जलवायु अनुकूलता, खाद्य सुरक्षा और सतत कृषि के लिए अगली पीढ़ी की पादप स्वास्थ्य रणनीतियां है। इसका उद्घाटन महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर के पूर्व कुलपति डॉ. एसएस चहल ने किया। आयोजन इंडियन फाइटोपैथोलॉजिकल सोसायटी के तत्वावधान में विभिन्न कृषि संस्थानों और संगठनों के सहयोग से किया जा रहा है।
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