हिमाचल प्रदेश के कर्मचारी और पेंशनर दिवाली से पहले लंबित महंगाई भत्ते (डीए) की मांग को लेकर एक मंच पर आने की तैयारी में हैं। शिमला में एक सप्ताह के भीतर सभी कर्मचारी और पेंशनर संगठनों की प्रदेश स्तरीय आम सभा आयोजित करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसमें प्रदेश स्तरीय ज्वाइंट एक्शन कमेटी गठित की जाएगी। चुनावी साल से पहले संगठनों ने अन्य सेवा संबंधी मांगों के बजाय डीए को साझा और एकल एजेंडा बनाकर सरकार के समक्ष उठाने का फैसला लिया है। संगठनों के अनुसार कर्मचारियों और पेंशनरों का लंबित डीए एरियर करीब 5300 करोड़ रुपये पहुंच चुका है। उनका दावा है कि मौजूदा समय में करीब 15 फीसदी डीए लंबित है। केंद्र सरकार की ओर से तीन फीसदी और डीए बढ़ाने की तैयारी के बाद यह अंतर करीब 18 फीसदी हो सकता है। संगठनों को आशंका है कि देनदारियों का समय पर निपटारा नहीं हुआ तो एरियर लगातार बढ़ता जाएगा और भविष्य में इसका भुगतान करना मुश्किल होगा।