रामपुर बुशहर, विशेषर नेगी,
शिमला जिला के रामपुर बुशहर के सनेई में हुए दर्दनाक बस हादसे की जांच अब एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र सिंह करेंगे। लोगो के की मांग के बाद प्रशासन ने दो सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का लक्ष्य रखा है। वहीं, नोग वैली के ग्रामीणों ने हादसे की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई और खटारा बसों को ग्रामीण रूटों से हटाने की मांग उठाई है।
नौ अक्टूबर को रामपुर के सनेई में हुए एचआरटीसी बस हादसे के बाद संबंधित क्षेत्र के लोगो ने सरकारी व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जाहिर की थी और 13 अक्टूबर को एसडीएम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर सुरक्षित परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई थी। इसके बाद 14 अक्टूबर को प्रशासन ने नोग वेली के लोगो और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एचआरटीसी के क्षेत्रीय प्रबंधक, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
ग्रामीणों ने मांग की कि हादसे के कारणों का जल्द पता लगाया जाए और यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही, खराब हालत में चल रही बसों को ग्रामीण रूटों से हटाने और सभी बसों की नियमित तकनीकी जांच सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
वहीं, ग्रामीण सड़को की बदहाली पर भी लोगो ने सवाल खडे किए.। एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग को दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए और उन स्थानों पर रेलिंग आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए.।
