रामपुर बुशहर, 6 नवंबर। रामपुर वन मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में भालू के हमले की दो घटनाएं सामने आने के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है। तीन दिनों के भीतर हुई इन घटनाओं में एक पुरुष और एक महिला घायल हुए हैं। लगातार बढ़ रही भालू की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग ने 18 से 20 सदस्यों की विशेष टीम गठित कर क्षेत्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था तेज कर दी है।
वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पहली घटना 3 नवंबर को बेसली गांव के जंगल में हुई। गांव के हरि दास जंगल के कम्पार्टमेंट डी-115 में सुबह करीब 11 बजे बकरियां चरा रहे थे। इसी दौरान काले भालू ने उन पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की सहायता से घायल को एमजीएमसी खनेरी अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया। विभाग और स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस की व्यवस्था कर तत्काल सहायता प्रदान की। इसके बाद 5 नवंबर को बेसली क्षेत्र में भालू को पकड़ने के लिए पिंजरा भी स्थापित किया गया।
दूसरी घटना 6 नवंबर को सुबह करीब 8 बजे नोगीधार गांव में हुई। यहां 58 वर्षीय शीतला देवी अपने खेत में कोलत (अनाज) निकाल रही थीं, तभी भालू ने उन पर हमला कर दिया। घटनास्थल पहली घटना वाले स्थान से करीब 2.5 किलोमीटर दूर बताया गया है। घायल महिला को प्राथमिक उपचार के लिए एमजीएमसी खनेरी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद वन विभाग ने सर्कल स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) सहित 18 से 20 सदस्यों की विशेष टीम गठित की है। यह टीम भालू की गतिविधियों पर लगातार नजर रखेगी। विभाग द्वारा जुगनी क्षेत्र में एक और पिंजरा स्थापित किया जा रहा है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। संवेदनशील क्षेत्रों में एनीडर उपकरण लगाए गए हैं और रात के समय पटाखे चलाकर भालुओं को आबादी से दूर रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त भालुओं की आवाजाही पर निगरानी रखने के लिए कैमरा ट्रैप भी लगाए गए हैं।
वन विभाग की ग्रामीणों से अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि अगले दो सप्ताह तक अथवा जब तक क्षेत्र में भालू सक्रिय हैं, तब तक अकेले जंगलों और खेतों में न जाएं। समूह में रहें और शोर करते हुए आवाजाही करें। बच्चों और बुजुर्गों को अकेले घर से बाहर न भेजें। घरों के आसपास की झाड़ियों को साफ रखें तथा अनाज और खाद्य सामग्री खुले में न छोड़ें।
विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में पारंपरिक तरीके से गोबर के उपलों में लाल मिर्च जलाने की सलाह भी दी है, ताकि भालू बस्तियों के नजदीक न आएं। यदि कहीं भालू दिखाई देता है तो उसे छेड़ने या उसका पीछा करने की बजाय तुरंत वन विभाग को सूचित करें।
वन मंडल रामपुर के उप अरण्यपाल ने लोगों से सतर्क रहने और विभाग द्वारा जारी सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
रामपुर क्षेत्र में भालू के हमलों से दहशत, वन विभाग अलर्ट; 18 से 20 सदस्यीय विशेष टीम गठित






