रामपुर, 31 मार्च , न्यूज व्यूज पोस्ट–
सीटू से संबंधित मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन ब्लॉक यूनिट रामपुर की बैठक किसान मजदूर भवन चाटी में आयोजित की गई। बैठक में 20 मई 2025 को प्रदेशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने की रणनीति तैयार की गई।
कम मानदेय पर भड़के वर्कर्स
बैठक में यूनियन की अध्यक्ष राधा देवी ने कहा कि महंगाई के इस दौर में महज़ ₹500 की बढ़ोतरी वर्कर्स के साथ मज़ाक है। उन्होंने सरकार पर मिड-डे मील वर्कर्स की अनदेखी का आरोप लगाया। महासचिव सुरजा देवी ने बताया कि हिमाचल में 1094 स्कूल पहले ही बंद हो चुके हैं और 1500 और स्कूलों पर ताला लगने वाला है, जिससे हजारों मिड-डे मील वर्कर्स बेरोजगार हो जाएंगे।
केंद्र सरकार पर भी निशाना
सीटू जिला शिमला के सचिव अमित ने कहा कि 2013 में 45वें भारतीय श्रम सम्मेलन में मिड-डे मील वर्कर्स को पक्का करने का निर्णय हुआ था, लेकिन मोदी सरकार इसे लागू करने में विफल रही। 2009 से वेतन वृद्धि नहीं हुई है, जबकि सरकार बड़े पूंजीपतियों का कर्ज माफ कर रही है।
केंद्रीय किचन का विरोध
बैठक में मोदी सरकार द्वारा केंद्रीय किचन नीति लागू करने का भी विरोध किया गया। यूनियन नेताओं का कहना है कि इस नीति से स्थानीय वर्कर्स का रोजगार खत्म हो जाएगा और बच्चों को पोषणयुक्त भोजन नहीं मिल पाएगा। झारखंड में खाद्य सुरक्षा जन अधिकार मंच की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया कि केंद्रीय किचन की तुलना में पुरानी व्यवस्था बेहतर थी।
20 मई को रामपुर में विशाल प्रदर्शन
मिड-डे मील वर्कर्स ने साफ कर दिया है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो 20 मई को प्रदेशभर में हड़ताल होगी और रामपुर में विशाल प्रदर्शन किया जाएगा। यूनियन ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र होगा।