कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर सफर को और सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने तीन अहम कार्य प्रस्तावित किए हैं। दवाड़ा फ्लाईओवर के क्षतिग्रस्त तीन पिलर नए सिरे से बनाए जाएंगे। इसके साथ ही झलोगी सुरंग का मुहाना मौजूदा स्थान से करीब 300 मीटर आगे करने की तैयारी है। हणोगी में बाईं सुरंग को पहाड़ से अतिरिक्त सुरक्षा देने के लिए केबल एंकरिंग की योजना भी बनाई गई है।
वर्ष 2025 में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान पहाड़ से भारी चट्टानें और मलबा गिरने के कारण दवाड़ा फ्लाईओवर के पिलर और स्लैब क्षतिग्रस्त हो गए थे। झलोगी सुरंग का मुहाना भी इसकी चपेट में आया था। इसके बाद इस हिस्से में यातायात व्यवस्था प्रभावित रही। अब तकनीकी जांच के बाद एनएचएआई ने प्रभावित ढांचे को दोबारा मजबूत करने की योजना तैयार की है।
प्रस्ताव के अनुसार दवाड़ा फ्लाईओवर के चार क्षतिग्रस्त स्लैब हटाए जाएंगे। इसके अलावा तीन पिलरों को भी पूरी तरह हटाकर नए सिरे से बनाया जाएगा। एनएचएआई का उद्देश्य फ्लाईओवर को पहले से अधिक मजबूत और सुरक्षित बनाना है, ताकि भविष्य में पहाड़ से गिरने वाले मलबे या चट्टानों की स्थिति में नुकसान की आशंका कम हो।
झलोगी सुरंग के मामले में क्षतिग्रस्त मुहाने को पुराने स्थान पर बनाने के बजाय करीब 300 मीटर आगे निकालने की तैयारी है। इससे सुरंग की लंबाई भी बढ़ेगी। माना जा रहा है कि मुहाना आगे करने से पहाड़ी से गिरने वाले मलबे और चट्टानों से सुरंग के प्रवेश हिस्से को बचाने में मदद मिलेगी।
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