नई दिल्ली, न्यूज व्यूज पोस्ट – हाल ही में म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के बाद भारत ने त्वरित राहत अभियान शुरू किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से बातचीत की और इस आपदा में हुई जनहानि पर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने भारत की ओर से हरसंभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक पोस्ट में कहा, “म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से बात की। विनाशकारी भूकंप में हुई जनहानि पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। एक करीबी मित्र और पड़ोसी के रूप में, भारत इस मुश्किल घड़ी में म्यांमार के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत आपदा राहत सामग्री, मानवीय सहायता, खोज और बचाव दल को प्रभावित क्षेत्रों में शीघ्रता से भेजा जा रहा है।”
ऑपरेशन ब्रह्मा: भारत की त्वरित प्रतिक्रिया
म्यांमार में इस आपदा से प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए भारत सरकार ने ऑपरेशन ब्रह्मा की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत भारतीय वायुसेना के विशेष विमान राहत सामग्री और आपदा प्रबंधन दल को लेकर म्यांमार के सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में भेजे गए हैं।
राहत सामग्री में खाद्य आपूर्ति, दवाइयाँ, तंबू, कंबल और अन्य आवश्यक सामान शामिल हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें भी वहां भेजी गई हैं, जो स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर खोज और बचाव अभियान चला रही हैं।
भारत-म्यांमार संबंधों में एक और मील का पत्थर
भारत और म्यांमार के बीच ऐतिहासिक रूप से मजबूत द्विपक्षीय संबंध रहे हैं। दोनों देश न केवल भौगोलिक रूप से पड़ोसी हैं, बल्कि सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से भी घनिष्ठ रूप से जुड़े हुए हैं। भारत द्वारा इस कठिन समय में दी जा रही सहायता न केवल मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है, बल्कि दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है।
म्यांमार में भूकंप: क्षति और प्रभाव
हालांकि अभी तक इस भूकंप से हुए नुकसान का पूर्ण आकलन नहीं किया जा सका है, लेकिन प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, इसमें कई जानमाल की हानि हुई है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। बुनियादी ढांचे को भी व्यापक क्षति पहुंची है, जिससे बिजली, पानी और संचार सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका
भारत हमेशा से ही प्राकृतिक आपदाओं के समय अपने पड़ोसी देशों की मदद के लिए तत्पर रहा है। चाहे नेपाल में 2015 का भूकंप हो या श्रीलंका में आई सुनामी, भारत ने हर बार अग्रणी भूमिका निभाई है। ऑपरेशन ब्रह्मा भी भारत की उसी नीति का प्रतिबिंब है, जो ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ के सिद्धांत पर आधारित है।
निष्कर्ष
म्यांमार में आए इस भूकंप के बाद भारत द्वारा की गई त्वरित राहत कार्रवाई एक बार फिर से भारत की क्षेत्रीय नेतृत्व क्षमता और मानवीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह ऑपरेशन न केवल आपदा राहत के क्षेत्र में भारत की दक्षता को रेखांकित करता है, बल्कि दक्षिण एशियाई देशों के बीच सहयोग को भी एक नई दिशा प्रदान करता है।