मुंबई, न्यूज व्यूज पोस्ट: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 90वीं वर्षगांठ के समापन समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने केंद्रीय बैंक की भूमिका की सराहना की और इसे भारत की आर्थिक यात्रा का अहम हिस्सा बताया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक स्वतंत्रता से पूर्व की आर्थिक चुनौतियों से लेकर, भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था के शीर्ष देशों में शामिल करने तक की यात्रा का साक्षी रहा है। उन्होंने कहा, “भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय स्थिरता, विकास और मूल्य स्थिरता को बनाए रखते हुए देश की आर्थिक नींव को मजबूत किया है।”
आम जनता का भरोसा, RBI की सबसे बड़ी उपलब्धि
राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय रिजर्व बैंक का आम जनता से प्रत्यक्ष संपर्क भले ही न हो, लेकिन उनकी जेब में मौजूद नोटों से लेकर बैंकों और वित्तीय संस्थानों के संचालन तक, हर वित्तीय गतिविधि पर इसकी छाप है। उन्होंने कहा कि लोगों का बैंकिंग प्रणाली पर भरोसा, RBI की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
डिजिटल क्रांति में भारतीय रिजर्व बैंक की भूमिका
राष्ट्रपति ने डिजिटल भुगतान में भारत की वैश्विक सफलता के लिए RBI के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि UPI जैसे नवाचारों ने वित्तीय लेनदेन को सरल, सुलभ और सुरक्षित बनाया है। इससे न केवल वित्तीय समावेशन बढ़ा है, बल्कि एक मजबूत फिनटेक इकोसिस्टम भी विकसित हुआ है।
भविष्य की चुनौतियां और RBI की भूमिका
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि भारत जब ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है, तो एक सुदृढ़, नवाचार-प्रधान और समावेशी वित्तीय प्रणाली की आवश्यकता होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि भारतीय रिजर्व बैंक अपने अनुकूलनशीलता और नवाचार के बल पर इस यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
समारोह का महत्व
इस समारोह में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर, वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी और कई बैंकिंग व वित्तीय संस्थानों के प्रमुख शामिल हुए। इस दौरान भारत की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में RBI की ऐतिहासिक भूमिका और भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा की गई।
भारतीय रिजर्व बैंक अपनी स्थिरता, नवाचार और समावेशन की प्रतिबद्धता के साथ भारत को वैश्विक वित्तीय शक्ति बनाने में अहम भूमिका निभाता रहेगा।