पहाड़ की ढलानों पर छोटी-छोटी बस्तियां थीं और जंगलों के बीच से गुजरते रास्ते ही लोगों की आवाजाही का सहारा थे। बाहर से आने वाले यात्रियों के लिए पानी की व्यवस्था करने वाला एक फकीर भी यहां रहता था। 30 अगस्त 1817 को शिमला पहुंचे ब्रिटिश सर्वेक्षणकर्ता जेरार्ड बंधुओं के विवरण ने उस समय की इस बस्ती की एक दुर्लभ तस्वीर सामने रखी।

शिमला की पुरानी तस्वीर। जब यहां जंगल और पहाड़ ही थे।
– फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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