हिमाचल के छह जिलों में अगले 30 वर्षों के विकास और निर्माण का खाका तैयार किया जाएगा। शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर में क्षेत्रवार यह तय होगा कि कहां कितना और किस तरह का निर्माण किया जा सकता है। सड़क, पेयजल, पार्किंग और सीवरेज की क्षमता के साथ पर्यावरणीय संवेदनशीलता को आधार बनाकर आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों की सीमाएं तय की जाएंगी। अनियोजित निर्माण पर अंकुश लगाने के साथ भविष्य की आबादी और विकास की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजना तैयार होगी। नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) विभाग छह जिलों के लिए रीजनल प्लान तैयार करवा रहा है। पहले चरण में शिमला, कुल्लू, कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना और बिलासपुर को शामिल किया गया है। दूसरे चरण में प्रदेश के बाकी छह जिलों के लिए रीजनल प्लान तैयार किया जाएगा। योजना में क्षेत्रवार यह स्पष्ट किया जाएगा कि किन स्थानों पर आवासीय, व्यावसायिक या अन्य गतिविधियों के लिए निर्माण की अनुमति दी जा सकती है।
Source: Read original article
