मुंबई, न्यूज व्यूज पोस्ट : खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), भारत सरकार ने अपने केंद्रीय कार्यालय, मुंबई में वर्चुअल माध्यम से अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक ‘मेगा वितरण’ कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम के तहत ग्रामोद्योग विकास योजना, खादी विकास योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के अंतर्गत 5 लाख से अधिक खादी कारीगरों, उद्यमियों और लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया।
इस अवसर पर केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने वर्चुअल माध्यम से देशभर के लाखों कारीगरों को संबोधित किया और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में केवीआईसी के विभिन्न जोनल सदस्यों, एमएसएमई मंत्रालय के अधिकारियों, आर्थिक सलाहकारों और केवीआईसी के क्षेत्रीय कार्यालयों के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
टूलकिट और उपकरणों का व्यापक वितरण
इस ऐतिहासिक पहल के तहत पूरे देश के छह जोनों (पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी, दक्षिणी, मध्य एवं पूर्वोत्तर) के विभिन्न राज्य एवं मंडल कार्यालयों से जुड़े लाभार्थियों को 16,377 उपकरण, मशीनें एवं टूलकिट वितरित किए गए। इनमें प्रमुख रूप से:
- 3,950 मधुमक्खी बक्से
- 7,067 इलेक्ट्रिक पॉटरी चाक
- 1,350 चमड़ा उत्पाद मरम्मत टूलकिट
- 390 फुटवियर निर्माण उपकरण
- 420 इलेक्ट्रीशियन टूलकिट
- 80 एसी मरम्मत टूलकिट
- 300 प्लम्बर टूलकिट
- 60 मोबाइल मरम्मत टूलकिट
- 971 सिलाई मशीनें
- 278 हस्तनिर्मित कागज बनाने की मशीनें
- 349 स्वचालित अगरबत्ती निर्माण मशीनें
- 320 टर्नवुड मशीनें
- 180 लकड़ी के खिलौने बनाने की मशीनें
- 460 अपशिष्ट लकड़ी शिल्प मशीनें
- 292 कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्करण मशीनें शामिल हैं।
पीएमईजीपी के तहत बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) के तहत पूरे देश में 14,456 पीएमईजीपी इकाइयों को 1,399.13 करोड़ रुपये के स्वीकृत ऋण पर 469 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी वितरित की गई, जिससे 1,59,016 रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। साथ ही, 5,000 नई पीएमईजीपी इकाइयों का भी उद्घाटन किया गया। वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 58,850 लाभार्थियों को 2,175 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की गई, जिससे 64,73,50 नौकरियां उत्पन्न हुईं।
खादी क्षेत्र में ऐतिहासिक विकास
खादी विकास योजना के अंतर्गत 44 पुनर्निर्मित खादी भवनों और 750 खादी कार्यशालाओं का उद्घाटन किया गया। इसके अलावा, खादी संस्थाओं को संशोधित बाजार विकास सहायता (एमएमडीए) के तहत 215 करोड़ रुपये की अनुदान राशि जारी की गई, जिससे लगभग 1,46,246 कारीगर लाभान्वित हुए।
इसके अतिरिक्त, ISEC कार्यक्रम के माध्यम से 1,153 खादी संस्थाओं को 40 करोड़ रुपये की अनुदान राशि वितरित की गई और 32.73 करोड़ रुपये की अतिरिक्त एमएमडीए अनुदान राशि जारी की गई, जिससे 3,817 कारीगरों को लाभ मिला।
खादी कारीगरों के लिए वेतन वृद्धि की घोषणा
केवीआईसी के अध्यक्ष श्री मनोज कुमार ने घोषणा की कि 1 अप्रैल 2025 से खादी कारीगरों की मजदूरी में 20% की बढ़ोतरी की जाएगी। पिछले 11 वर्षों में सरकार ने खादी कारीगरों की मजदूरी में 275% की ऐतिहासिक वृद्धि की है। अब चरखा चलाने वालों को प्रति कट्टा कताई के लिए 15 रुपये मिलेंगे।
खादी और ग्रामोद्योग की उपलब्धियां
पिछले वित्त वर्ष में खादी और ग्रामोद्योग का कुल उत्पादन 1.08 लाख करोड़ रुपये और बिक्री 1.55 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। पिछले 10 वर्षों में 1.87 करोड़ रोजगार सृजित हुए, जिनमें 10.17 लाख नए रोजगार शामिल हैं। पीएमईजीपी के तहत 10 लाख से अधिक नई परियोजनाएं स्थापित की गईं, जिनसे 88 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला।
इस कार्यक्रम में मुंबई स्थित केवीआईसी के केंद्रीय कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। पूरे देश में इस कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से लाखों खादी कारीगरों, उद्यमियों और लाभार्थियों से जोड़ा गया, जिससे ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ के मंत्र को सशक्त करने की दिशा में एक नया आयाम जुड़ा।