रिकांग पिओ | न्यूज व्यूज पोस्ट।
मुख्यमंत्री मधु विकास योजना के तहत आयोजित सात दिवसीय मौन पालन प्रशिक्षण शिविर का आज समापन हुआ, जिसमें किन्नौर के तीनों विकास खंडों के किसानों और बागवानों ने भाग लिया। उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि समारोह में शिरकत की और प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए।
डॉ. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि मधुमक्खियां न केवल परागण प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाती हैं, बल्कि सेब उत्पादन को भी बढ़ावा देती हैं। उन्होंने किसानों से इस तकनीक को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की अपील की।
उपनिदेशक उद्यान डॉ. भूपेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मधुवंश के लिए प्रति लाभार्थी 80,000 रुपये और मधुमक्खी गृह के लिए भी समान राशि का अनुदान दिया जाता है। साथ ही, महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर मौन पालन को सशक्त आजीविका का जरिया बनाया जा रहा है।
समारोह के दौरान विशेषज्ञों ने मौन पालन के व्यावहारिक पक्षों पर प्रकाश डाला। उपायुक्त ने किसानों को जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया। इस मौके पर उद्यान विभाग के कर्मचारी और कई बागवान उपस्थित रहे।