प्रोफेसर शुक्ला के अनुसार गोरखा भूकंप के बाद ग्लेशियर का एक हिस्सा अपनी मूल संरचना से अलग होकर हैंगिंग ग्लेशियर की स्थिति में पहुंच गया और लंबे समय तक अस्थिर बना रहा।

आईआईटी मंडी के प्रोफेसर डेरेक्स पी. शुक्ला।
– फोटो : संवाद
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