हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले विधानसभा परिसर में रोजगार का मुद्दा छाया रहा। विपक्षी भाजपा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए युवाओं को रोजगार देने के वादे पर सरकार को घेरा। पांच लाख नौकरियों की चुनावी गारंटी पूरी नहीं होने पर सरकार के खिलाफ खूब नारेबाजी की। शुक्रवार सुबह विधानसभा परिसर स्थित विपक्ष लॉज के बाहर भाजपा विधायकों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में आने से पहले युवाओं को पांच लाख नौकरियां देने का वादा किया था, लेकिन साढ़े तीन साल के कार्यकाल में यह वादा धरातल पर नहीं उतर सका।
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं को रोजगार के नाम पर केवल आश्वासन मिले हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने युवाओं की उम्मीदों के साथ खिलवाड़ किया है। शर्मा ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा में नियम-67 के तहत स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है, ताकि सदन का पूरा कार्य स्थगित कर रोजगार के मुद्दे पर विस्तृत चर्चा करवाई जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और युवा नौकरी की आस लगाए बैठे हैं, लेकिन सरकार रोजगार सृजन के अपने सबसे बड़े चुनावी वादे को पूरा करने में विफल रही है। भाजपा इस मुद्दे को पूरे सत्र के दौरान प्रमुखता से उठाएगी।
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