भूस्खलन के बाद मलबे में जिंदगी की तलाश और दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षित रेस्क्यू की चुनौती को तकनीक से आसान बनाने की पहल हुई है। मलबे में दबे लोगों की मौजूदगी और उनकी लोकेशन का पता लगाने से लेकर उन तक राहत सामग्री पहुंचाने में अब प्रहरी रोबोट मददगार बन सकता है।
शिमला के सरस्वती विद्या मंदिर हिम रश्मि, विकासनगर के जमा एक के छात्र अभय पंवार और दिशांत सूरमा ने इस स्मार्ट आपदा-प्रतिक्रिया रोबोटिक सिस्टम का प्रोटोटाइप तैयार किया है। एनआईटी हमीरपुर में आयोजित शिक्षा महाकुंभ 6.0 में इस नवाचार को प्रदर्शित किया गया। इसकी मदद से घटनास्थल का थ्रीडी मैप तैयार कर रेस्क्यू टीम तक भेजा जा सकेगा। करीब 12 हजार रुपये से तैयार इस मॉडल का उद्देश्य आपदा के दौरान बचाव कार्य को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाना है।
प्रहरी रोबोट में आधुनिक सेंसर, कैमरा आधारित पहचान और स्मार्ट कंप्यूटिंग प्रणाली का इस्तेमाल किया गया है। इसकी मदद से घटनास्थल का थ्रीडी मैप तैयार कर बचाव दल को लाइव भेजने की व्यवस्था है। मिलीमीटर वेव सेंसर मलबे में दबे लोगों की मौजूदगी और उनकी लोकेशन का पता लगाने में मदद करेगा। इससे रेस्क्यू टीम को घटनास्थल की स्थिति समझने, सुरक्षित रास्ता तय करने और मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने की योजना बनाने में सहायता मिल सकती है।
Source: Read original article
