रातभर करवटें बदलना, मन में अनजाना डर, छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन और हर वक्त बेचैनी महसूस होना। किसी की नींद गायब है, तो कोई तनाव और चिंता से परेशान है। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी इन समस्याओं के उपचार के लिए बड़ी संख्या में लोग अस्पतालों का रुख कर रहे हैं। प्रदेश में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति फोन (टेली-मानस) से सलाह लेने वालों का आंकड़ा पिछले तीन वर्षों में करीब 50 फीसदी तक बढ़ गया है। इस वर्ष 25 फरवरी तक ही टेली मानस सेवा के माध्यम से 1433 लोग मानसिक स्वास्थ्य संबंधित सलाह ले चुके हैं। वर्ष 2023 में 483, 2024 में 3363, 2025 में 5070 लोगों ने टेली मेडिसिन से मानसिक स्वास्थ्य का उपचार लिया है। इसके अलावा प्रदेश में अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में मनोचिकित्सा की ओपीडी भी बढ़ गई है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की मनोचिकित्सा ओपीडी में रोजाना करीब 1000 से 1200 मरीज पहुंच रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में सामने आ रही मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय हैं। बदलती जीवनशैली, तनाव और नशे के सेवन के बाद होने वाले मनोविकार इस चुनौती को और गंभीर बना रहे हैं।
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