स्वतंत्रता संग्राम में देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने वाले लोगों ने जिस सेवा, त्याग और एकजुटता की भावना से आजादी की नींव रखी थी, उसी जज्बे को भराड़ी ओल्ड स्टूडेंट यूनियन आज समाजसेवा के रूप में आगे बढ़ा रही है। 1966 में साथ पढ़े 17 विद्यार्थियों से शुरू हुआ यह सफर अब करीब 125 सदस्यों का कारवां बन चुका है। सात की उम्र पार कर चुके ये सदस्य आज भी जरूरतमंदों के लिए उसी समर्पण से खड़े हैं, मानो देशसेवा का वह जज्बा पीढ़ियों से उनके भीतर जिंदा हो। भराड़ी ओल्ड स्टूडेंट यूनियन की शुरुआत वर्ष 2010 में हुई थी।
1966 में भराड़ी स्कूल में साथ पढ़ने वाले ठंडोडा गांव के दिवंगत रत्न लाल सोनी और भपराल गांव के धर्म सिंह आजाद ने इस विचार को आगे बढ़ाया था। दोनों ने अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने के बाद समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। इसके बाद वर्ष 1966 में उनके साथ पढ़े 17 विद्यार्थी एकजुट हुए और सामाजिक कार्यों के लिए यूनियन का गठन किया। वर्ष 2010 से अब तक यूनियन की ओर से जरूरतमंद लोगों की सहायता पर 60 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है। गरीब परिवार की बेटी की शादी के लिए 5100 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।
आपदा में मदद के लिए यूनियन आगे आती है। भराड़ी स्कूल में दसवीं और बारहवीं कक्षा में बेहतर अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया जाता है। यूनियन से जुड़े कैप्टन परमानंद, सूबेदार कृष्ण सिंह, कैप्टन कश्मीर सिंह, कैप्टन सुभाष ठाकुर, जगदेव सिंह, रूपसिंह, स्वरूप सिंह और इंद्रराम सहित अन्य सदस्य अपनी जिम्मेदारी को इसी भावना के साथ निभा रहे हैं। यूनियन के प्रधान आजाद चंद वर्मा सभी सदस्यों को साथ लेकर सामाजिक कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं, जबकि जेएन शर्मा संगठन का लेखा-जोखा संभाल रहे हैं।
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