रामपुर बुशहर। किन्नौर स्थित रामपुर की विशेष पोक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए 20-20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामले में दोषी ठहराए गए आरोपियों की पहचान तबरेज आलम उर्फ बिराज (26), निवासी पश्चिम चंपारण, बिहार और लखिन्द्र उर्फ लक्की (24), निवासी गरंगे, निचार, जिला किन्नौर के रूप में हुई है। अभियोजन पक्ष के अनुसार दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो कानून की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई थी।
रामलीला से लौटते समय बनाया निशाना
अभियोजन के मुताबिक घटना 26 सितंबर 2025 की रात की है। नाबालिग पड़ोस की एक लड़की के साथ रामलीला देखने गई थी। रात करीब साढ़े नौ बजे वह वहां से अकेली अपने क्वार्टर की ओर लौट रही थी।
आरोप के अनुसार रास्ते में एक पिकअप वाहन उसके सामने रुका। इसमें सवार तबरेज ने उसे जबरन वाहन में बैठा लिया। इसके बाद दोनों आरोपी उसे जंगल की तरफ ले गए। अभियोजन ने अदालत को बताया कि वहां दोनों ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के विरोध और शोर मचाने के बाद उसे सड़क पर छोड़ दिया गया।
15 गवाहों के बयान और साक्ष्यों पर फैसला
घटना की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और उपलब्ध साक्ष्यों को जुटाने के बाद अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 गवाहों के बयान अदालत में दर्ज करवाए।
अदालत ने गवाहों के बयानों और मामले में पेश किए गए अन्य साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी माना। इसके बाद अदालत ने दोनों को 20-20 वर्ष के कारावास तथा 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
सरकार की ओर से मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी किन्नौर स्थित रामपुर कमल चंदेल ने की।
