सरदार पटेल यूनिवर्सिटी मंडी के एमएससी जूलॉजी विद्यार्थियों ने शोध करके इस बात को साबित किया है कि फसलों के बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाले रसायनिक कीटनाशकों की तुलना में नीम के तेल से बने कीटनाशक फसलों की सेहत के लिए अधिक सुरक्षित हैं। सरदार पटेल यूनिवर्सिटी मंडी में जूलॉजी की असिस्टेंड प्रोफेसर डॉ. नीलम ठाकुर के नेतृत्व में सुजाता धीमान, कनिका, रुचि, कुसुमा, अर्शिया सूद, गगनदीप सिंह और दिपांश कटोच ने रसायनों और नीम तेल के बीच विशलेषणात्मक शोध किया है। शोध के बारे में जानकारी देते हुए डाॅ. नीलम ठाकुर ने बताया कि फसलों को सुरक्षित रखने के लिए किसानों की ओर से भारी मात्रा में क्लोरपाइरीफॉस और डाइथेन एम-45 का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी तुलना नीम के तेल से बने कीटनाशकों से की गई। इसके लिए प्याज की जड़ की सक्रिय कोशिकाओं को मॉडल के रूप में इस्तेमाल किया गया। शोध में पाया गया कि क्लोरपाइरीफॉस और डाइथेन एम-45 ने कोशिका विभाजन को सबसे अधिक प्रभावित किया। इसके मुकाबले नीम तेल का प्रभाव काफी कम रहा।
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