संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Krishan Singh

Updated Tue, 22 Sep 2026 05:30 AM IST

हाईकोर्ट ने जेबीटी शिक्षकों की वरिष्ठता और पदोन्नति से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया है।अदालत ने स्पष्ट किया है कि आर्ट्स, मेडिकल और नॉन-मेडिकल के जेबीटी शिक्षकों को एक समान नहीं माना जा सकता, क्योंकि उनकी शैक्षणिक योग्यताएं और काडर अलग-अलग होते हैं। जानिए हिमाचल हाईकोर्ट के बड़े फैसले…


Himachal: Petition regarding seniority and promotion of JBT teachers dismissed; here are the High Court's key

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट।
– फोटो : अमर उजाला



विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने जेबीटी शिक्षकों की वरिष्ठता और पदोन्नति से जुड़ी याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि आर्ट्स, मेडिकल और नॉन-मेडिकल के जेबीटी शिक्षकों को एक समान नहीं माना जा सकता, क्योंकि उनकी शैक्षणिक योग्यताएं और काडर अलग-अलग होते हैं। न्यायाधीश रंजन शर्मा की अदालत ने यह फैसला खत्री राम और अन्य की ओर से दायर याचिका का निपटारा करते हुए दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वैधानिक नियमों के तहत जेबीटी सीधे हेडमास्टर पद के लिए फीडर श्रेणी (प्रमोशन का आधार) नहीं हैं। हेडमास्टर पद के लिए टीजीटी शिक्षक ही फीडर श्रेणी में आते हैं। अदालत ने टिप्पणी की कि बिना संबंधित विषय की गहरी जानकारी के किसी भी शिक्षक को दूसरी स्ट्रीम के पद (जैसे आर्ट्स वाले को साइंस के पद) पर प्रमोट करने की अनुमति देने से पूरी शिक्षा व्यवस्था में अराजकता फैल सकती है। हालांकि, हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को यह निर्देश दिया है कि यदि याचिकाकर्ताओं का अभी तक टीजीटी (आर्ट्स) के पद पर प्रमोशन नहीं हुआ है, तो राज्य प्राधिकारी कानून के अनुसार उनके प्रमोशन के मामले की समीक्षा करें।


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