सर्पदंश के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में निगरानी व्यवस्था को और मजबूत कर दिया है। अब जिले के किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल, स्वास्थ्य संस्थान, मेडिकल कॉलेज अथवा निजी चिकित्सक के पास सर्पदंश का संदिग्ध या संभावित मामला सामने आने पर इसकी तत्काल सूचना स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी। सर्पदंश से होने वाली मौतों की जानकारी भी समयबद्ध तरीके से देना अनिवार्य किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी बिलासपुर डॉ. शशि दत्त शर्मा ने सभी संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को सर्पदंश के मामलों की रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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