डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल में दो चिकित्सकों पर स्टाफ ने इंप्लांट का ज्यादा शुल्क वसूलने समेत अन्य आरोप लगाए हैं। इसे लेकर अस्पताल स्टाफ ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य सचिव को शिकायत पत्र भी भेजा है। शिकायत के माध्यम से दोनों चिकित्सकों की विजिलेंस जांच की मांग की है। पत्र के माध्यम से बताया है कि अस्पताल में दांतों के मरीजों का इंप्लांट के 6,700 रुपये निर्धारित किए हैं लेकिन दोनों चिकित्सक 14,000 रुपये तक वसूल रहे हैं।
इसी के साथ निजी वेंडर के जरिए कार्य करने का आरोप भी लगाया है। दोनों चिकित्सक पेरियो और ओरल सर्जरी विभाग में सरकारी नियमों और आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। ओरल सर्जरी विभाग में निजी वेंडर को अलमारी तक उपलब्ध करवाई गई है। वहीं, पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि चिकित्सक ड्यूटी के दौरान भी अस्पताल में नहीं होते है और निजी क्लीनिकों में सेवाएं दे रहे हैं। उधर, डेंटल कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य डॉ. योगेश भारद्वाज ने बताया कि मामले में हाल ही में शिकायत मिली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए तथ्यों के आधार पर जांच की जाएगी।
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