विधानसभा में मंगलवार को सरकार ने स्वीकार किया कि पिछले तीन वर्षों में शिक्षकों के खिलाफ छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के 24 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें कई मामलों में पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि कुछ शिक्षकों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।

अपराध(सांकेतिक)।
– फोटो : अमर उजाला
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