अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh

Updated Wed, 02 Sep 2026 05:00 AM IST

विधानसभा में मंगलवार को सरकार ने स्वीकार किया कि पिछले तीन वर्षों में शिक्षकों के खिलाफ छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के 24 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें कई मामलों में पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि कुछ शिक्षकों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है।


24 allegations of molestation against teachers in three years, POCSO cases against several; revelation made in

अपराध(सांकेतिक)।
– फोटो : अमर उजाला



विस्तार

हिमाचल प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। विधानसभा में मंगलवार को सरकार ने स्वीकार किया कि पिछले तीन वर्षों में शिक्षकों के खिलाफ छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न और अनुचित व्यवहार के 24 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें कई मामलों में पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत एफआईआर दर्ज की गई हैं, जबकि कुछ शिक्षकों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती के प्रश्न के लिखित उत्तर में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने सदन में बताया कि स्कूल और कॉलेज स्तर पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर विभागीय जांच, निलंबन, चार्जशीट और आपराधिक कार्रवाई की गई है।


Source: Read original article

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed