हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अनुबंध के आधार पर मेडिकल अफसरों (एमओ) की नियुक्ति से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को एक महीने के भीतर सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष उचित आवेदन याचिका दायर करने का सख्त निर्देश दिया है। अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य सरकार को भली-भांति ज्ञात था कि हाईकोर्ट में कई अन्य पात्र डॉक्टरों की याचिकाएं लंबित हैं। जब राज्य सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही थी, तब राज्य को सुप्रीम कोर्ट के ध्यान में यह बात लानी चाहिए थी। अदालत ने राज्य सरकार को एक महीने के भीतर सुप्रीम कोर्ट में आवेदन याचिका दायर कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही याचिकाकर्ता डॉक्टरों को भी यह स्वतंत्रता दी गई है कि वे राहत पाने के लिए खुद सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं।