कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहनों की आयु 12 से बढ़ाकर 15 साल करने का मामला विधानसभा में उठा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार इन वाहनों की आयु 15 साल करना चाहती है, लेकिन मौजूदा वैधानिक व्यवस्था के तहत राज्य सरकार अपने स्तर पर आयु सीमा नहीं बढ़ा सकती। मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है और केंद्र के निर्णय के बाद आगे की व्यवस्था की जाएगी। केंद्र से मिले पत्र और अब तक किए गए पत्राचार को सदन में रखा जाएगा। अग्निहोत्री ने कहा कि सोशल मीडिया में चल रही सूचनाओं के आधार पर इस मामले को नहीं देखा जाना चाहिए।
सरकार ने केंद्र से कांट्रैक्ट कैरिज के लिए भी आयु सीमा 15 साल करने का आग्रह किया है। जब तक केंद्र से निर्णय नहीं आता, तब तक राज्य की परिधि में चलने वाले ऐसे वाहनों को वैकल्पिक राहत दी जाएगी। पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारी 15 साल तक के वाहनों के चालान नहीं करेंगे और पासिंग की व्यवस्था में भी आवश्यक सुविधा दी जाएगी। मुकेश ने कहा कि एआईटीपी पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध व्यवस्था का लाभ ऑपरेटर उठा सकते हैं। एआईटीपी फीस कम करने का मामला भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाया गया है। केंद्र में इस पर मंथन चल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार टैक्सी ऑपरेटरों के प्रति संवेदनशील है और जल्द समाधान चाहती है।
Source: Read original article
